October 31, 2020
टिक टोक बैन से चीन को कितना नुकसान हुआ? क्या अमेरिका भी टिक टोक को बैन करेगा

टिक टोक बैन से चीन को कितना नुकसान हुआ? क्या अमेरिका भी टिक टोक को बैन करेगा

भारत अभी कोरोना से जूझ ही रहा था की चीन ने भारत के लिए एक और सिरदर्द दे दिया। सीमा पर ड्रैगन हमे आँख दिखा रहा था, मानो कह रहा हो की अब भारत होगा हमारी मुट्ठी में। 15 जून को हुए सीमा विवाद ने इतना गहरा रूप ले लिया की हमे अपने 20 जवान खोने पड़े, हमारी आँखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे की चीन ने अपनी सियार चाल चलनी शुरू कर दी। अब सीमा की सियासत इतना गहरा रूप ले चुकी थी की देश के हर कोने से आवाज़ आ रही थी चीन को मुँह तोड़ जबाब दिया जाए।

अब हमारे प्रधानमंत्री जी जो की विदेश नीति में माहिर है और दुसरे देशो से एक मैत्रीपूर्ण रिश्ता कायम रखने की इच्छा रखते है, तो उनके लिए यह एक कठिन कठिन समय था की कैसे देश की जनता के आक्रोश को शांत किया जाय और साथ ही गद्दार पड़ोसी की मुहतोड़ जबाब दिया जाय।

फिर देश से आवाज आने लगी “चीन का बहिष्कार” “बॉयकॉट चीन”, देश की कई स्थानों से ऐसे वीडियो आये जिनमे छोटे छोटे बच्चे अपने चीनी खिलौने जला रहे थे। फिर भारत के गृह मंत्रालय ने एक निर्णय लिया की जनता से आग्रह किया जाए कि वे चीनी एप्प्स का इस्तेमाल बंद कर दे। इसका असर दिखा भी चीनी एप्प्स, मोबाइल, खिलौने और कई सामन का लोगो ने जमकर बहिस्कार करना शुरू किया।

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वैसे मोदी सरकार ने टिक टोक को बेन करने के सन्देश देना शुरू कर दिए थे, क्यूंकि उनकी MyGov अभी तक टिक टोक पर अपना प्रचार प्रसार कर रही थी, लेकिन कुछ समय से उसने भी टिक टोक से मुँह फेर लिया था।  तो यह पर लग ही रहा था की मोदी सरकार एक बड़ा कदम उठाने वाली है।

अभी भी भारत देश बिना किसी ठोस कारण को बताये किसी एप्प को पूर्णतया बैन नहीं कर सकता था, क्यूंकि भारत देश में “बोलने की आज़ादी” (फ्रीडम ऑफ़ स्पीच) है, अतः कुछ लिबरल लोगो का लोकतंत्र खतरे में आ जाता, क्यूंकि उनके लिए देश के जवान मर जाए, देश डूब जाए कोई फर्क नहीं पड़ता बस उनका झूठा लोकतंत्र खतरे में ना आये। तो अब यह निर्णय और मुश्किल था क्यूंकि हमें बाहरी चुनौतियों को नहीं अंदर की नीतियों को भी हराना था।

तो एक नीति बनाई गई की कौन कौन से एप्प्स हमारी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है और साथ ही उन एप्प्स के बारे में बाहरी देश क्या कहते है। अंतत 29 जून 2020 सेक्शन 69 ए (सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट) के अनुसार चीन की 59 एप्प्स को बैन कर दिया गया।

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किन देशो ने जताई थी सुरक्षा की चिंता?

भारत से पहले कई और देशो ने भी कहा है टिक टोक सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा खतरा है। फ़ोर्ब्स (Forbes) मैगज़ीन ने अपने एक लेख में स्पष्ट तौर पर लिखा था की टिक टोक संदेशो में घुसकर उन संदेशो की गोपनीयता खत्म कर देता है। द गर्जियन समाचार पत्र के अनुसार अमेरिका ने टिक टोक को देश की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा घोषित किया था।

इसके साथ ही अमेरिका ने अपनी सेना को भी कहा था की कोई इस एप्प का प्रयोग न करे। इसके साथ ही “सी एन बी सी” में छपे एक लेख में साफ़ तौर पर लिखा था की टिक टोक एप्प के कारण हैकर्स को मात्र एक टेक्स्ट मैसेज से मोबाइल के प्रत्येक अकाउंट का एक्सेस मिल जाता है, जिसका हिंदी में मतलब यह हुआ की आप अपना डाटा कितना ही सुरक्षित कर ले यदि ये एप्प आपके फ़ोन में है तो आपका डाटा चीन के पास पहुंच रहा है।

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अभी पिछले हफ्ते ही अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा के मुख्य सलाहकार रोबर्ट ओ ब्रायन का कहना था की चीन की सरकार टिक टोक का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए कर रही है, और इससे देश की सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा संकट है।

अब यदि ये बड़े देश अपनी सुरक्षा को लेकर इतनी चिंता जता रहे है तो क्या हमारा पड़ोसी हमारी सुरक्षा प्रणाली में घुसने का पुर जोर प्रयास नहीं कर रहा होगा। गौरतलब है की देश की सरकार को यह निर्णय थोड़ा और जल्दी लेना चाहिए था, परन्तु देर आये दुरुस्त आये।

कोई ठोस निर्णय तो लिया ही गया, अन्यथा मोदी जी को भी नेहरू जी की तरह संसद में कहना पड़ता की “हमने चीन को “आक्साई चीन” का हिस्सा लेने दिया क्यूंकि यहां पर तो एक घास का टुकड़ा भी नहीं उगता”। वैसे नेहरू जी के हिसाब से हमे हर वह ज़मीन चीन को दे देनी चाहिए जहाँ घास का एक टुकड़ा भी नहीं उगता।

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क्या कहना है चीन की सरकार का?

चीन के विदेश मंत्री  कहते है की “भारत सरकार का यह कदम सही नहीं है, क्यूंकि चीनी एप्प्स से भारत के लोगो को भी फायदा था। भारत सरकार ने चीनी एप्प्स पर प्रतिबंध लगाकर अंतर्राष्ट्रीय व्यापर नियमो का उल्लंघन किया है, जो की भारत के लिए सही नहीं होगा।”

साथ ही अपनी बात को आगे रखते हुए वह कहते है की “उनकी कंपनी जिस भी देश में जाती है उस देश के कानूनों को सख्ती से पालन करती है”।

मेरी समझ में यह नहीं आ रहा है की चीन के विदेश मंत्री कौन से अंतर्राष्ट्रीय व्यापर नियमो का हवाला दे रहे है, क्यूंकि उनके देश ने फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स को बैन कर रखा है।

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साथ ही अभी कुछ समय पहले चीन की एक कंपनी हुआवेई (Huawaei) के एक कर्मचारी को पोलैंड में इसलिए गिरफ्तार किया गया क्यूंकि उस पर आरोप लगे थे की वह चीन के लिए जासूसी कर रहा था। शायद जासूसी करके वह कर्मचारी देश के नियमो का पालन कर रहा होगा, खैर चीन के विदेश मंत्री ने अपने बयान में यह भी साफ़ नहीं किया था की कंपनी किस देश के कानूनों का पालन करती है। शब्दों का यह धोखा करने में ही तो चीन महारथी है।

टिक टोक बैन से चीन को कितना नुकसान हुआ? क्या अमेरिका भी टिक टोक को बैन करेगा

इसका चीन पर क्या और कितना असर पड़ा

अगर हम चीनी एप्प्स की बात करे तो केवल टिक टोक अकेले ही भारत से सेकड़ो करोड़ो रूपये का व्यापर कर रही थी। आप इस रिपोर्ट से खुद अंदाजा लगा सकते है की टिक टोक को कितना नुकसान हुआ होगा की भारत में बैन होने से पहले टिक टोक विश्व की नंबर एक एप्प थी, परन्तु जैसे ही भारत ने इसे बैन किया टिक टोक की रैंकिंग 200 से भी नीचे जा पहुंची। अब चीन की आह निकलना तो लाजमी था, परन्तु सिर्फ इतना ही नुकसान नहीं होगा था।

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टिक टोक भारत को एक सुनहरे भविस्य के रूप में देख रहा था, टिक टोक के डेवेलपर बाइट डांस ने कहा था की जिस हिसाब से भारत में उपयोगकर्ता बढ़ रहे है उस हिसाब से भारत से 2500 करोड़ रूपये एक वर्ष में फायदा होने की संभावना है। इसका मतलब चीन को एक चोट तो पहुंची ही है।

TikTok के भारत में 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। विशेष रूप से, जब 2019 में एक हफ्ते के लिए टिक्कॉक ऐप को भारत में अवरुद्ध कर दिया गया था, तो बाइटडांस ने एक कोर्ट में केस दर्ज करते हुए कहा था कि उनकी कंपनी को भारत में एक दिन में 3.8 करोड़ रूपये से अधिक का नुकसान हो रहा है। बाइटडांस वह कंपनी है जिसने TikTok को डेवेलप किया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपयोगकर्ताओं ने 2019 में TikTok पर 550 करोड़ से अधिक घंटे बिताए। एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि TikTok के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता दिसंबर 2019 तक 90 प्रतिशत बढ़कर 8.1 करोड़ हो गए।

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टिक टोक के विश्व के एक तिहाई उपयोगकर्ता तो केवल भारत में ही है इससे साफ़ हो जाता है की टिक टोक भारत को एक अच्छे बाज़ार के रूप में देख रही थी, खैर टिक टोक के दिल के अरमान तो आंसुओ में बह गए। वैसे केवल टिक टोक ही नहीं है जिसे नुकसान झेलना पड़ा है, इसके अलावा अलीबाबा और टेनसेंट डिजिटल सिल्क रुट का हिस्सा थे। चीनी व्यापार को इनसे बहुत उम्मीदे थी पर उसकी सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया।

she.in पर 20000 रोजाना ऑर्डर्स आते थे, अब इसके बैन हो जाने से इस कंपनी को कितना नुकसान होगा इसका अंदाजा आप स्वयं ही लगा सकते है।

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वैसे इसका असर डिजिटल बैन तक ही सीमित नहीं रहा क्यूंकि महाराष्ट्र की सरकार, उत्तर प्रदेश और हरयाणा की सरकारों ने चीन के प्रोजेक्ट्स को निरस्त कर दिया। बेचारा चीन सकते में आ गया की अचानक से इस भारत को क्या हो गया, जो आज मेरे आँख दिखने पर मेरी आँख फोड़ने पर तुल गया है, जबकि पहले तो मुझे अपना देश थाली में परोस कर दे दिया करता था।

चीन के जख्म थोड़े कम नहीं हुए थे की केंद्र सरकार ने प्रत्येक सरकारी कार्यालय को आदेश दे दिया की यदि उनको किसी संचार साधन की आवश्यकता है तो वह चीन की कंपनी का नहीं होना चाहिए।

वैसे हमे  अभी ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए और मोदी सर्कार का ज्यादा गुणगान नहीं करना चाहिए क्यूंकि इन एप्प्स को बंद करने से हमने चीन को बहुत बड़ा जबाब नहीं दे दिया है। अगर चीन को जबाब देना ही है तो उससे उसका मैन्युफैक्चरिंग हब का तमगा छीनना होगा। तब जाके चीन की इकॉनमी पर एक बड़ा झटका होगा, पर फिर भी यह छोटा सा कदम भी सराहनीय कदम है।

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भारत के लिबरल्स ने भी रोना शुरू किया 

चीन की 59 एप्प्स को बंद करने से मात्र चीन ही दुखी नहीं हुआ, हमारे देश में कुछ लोग ऐसे भी थे जिनका दर्द उनके ट्विटर एक्सेंट पर आसानी से देखा जा सकता था। भारत के कुछ गिने चुने लिबरल्स ने विधवा विलाप शुरू और लिखा की टिक टोक को करने से देश के युवाओ से रोजगार छीन लिया गया है, और किसी ने लिखा की ऐसा करने से लोगो से फ्रीडम ऑफ़ स्पीच या बोलने का अधिकार छीना गया है।

अब कोई इन लिबरल्स को  जाके बताये यह जिस फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की बात कर रहे है, उसको तो चीन सबसे पहले कुचल देता है, और टिक टोक पर जब चीनी सरकार के खिलाफ  कोई वीडियो डाला गया है तो उसे डिलीट कर दिया जाता है, और बनाने वाले को गायब।

वैसे यह लिबरल कौन से रोजगार की बात कर रहे है, टिक टोक एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहा पर जानवरो पर अत्याचार करने वाले वीडियोस को ट्रेंड कर दिया जाता है, और आतंकवादी बनने की  धमकी देने वाले लोगो की पैरवी की जाती है। खैर ऐसी एप्प को बंद करने पर देश के किसी नागरिक को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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तृणमूल की MP नुसरत जहाँ जी ने तो यह तक कह दिया की इससे बेरोजगारी और बढ़ जायेगी और इसके जो परिणाम होंगे वह नोटबंदी से भी भयंकर होंगे। समझ  में नहीं आया की यह  उनकी चिंता थी या फिर धमकी पर जो भी थी उससे एक चीज सामने आ जाती है की इन लोगो को देश पर हो रहे आक्रमण से कोई फर्क नहीं पड़ता। इनको अगर फर्क पड़ता है तो बस अपने सियासी फायदे से।

 

टिक टोक के साथ और किन एप्प्स पर लगा है प्रतिबंध

 

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  1. टिकटॉक (TikTok)
  2. शेयर इट (Shareit)
  3. क्वाई (Kwai)
  4. यूसी ब्राउज़र (UC Browser)
  5. बाइडू मैप (Baidu map)
  6. शी (Shein)
  7. क्लैश ऑफ़ किंग्स (Clash of Kings)
  8. डीयू बैटरी सेवर (DU battery saver)
  9. हेलो (Helo)
  10. लाईकी (Likee)
  11. यू मेकअप (U Makeup)
  12. ऍम आई कम्युनिटी (MI Community)
  13. सीएम ब्राउनर्स (CM Browers)
  14. वायरस क्लीनर (Virius Cleaner)
  15. आपुस ब्राउज़र (APUS Browers)
  16. रोमवे (ROMWE)
  17. क्लब फैक्टरी (Club Factory)
  18. न्यूज़डॉग (Newsdog)
  19. ब्यूटी प्लस (Beauty Plus)
  20. वीचैट (We Chat)
  21. यूसी न्यूज़ (UC Browers)
  22. क्यूक्यू मेल (QQ Mail)
  23. वीबो (Wiebo)
  24. सेंडर (XEnder)
  25. क्यूक्यू म्यूजिक (QQ Music)
  26. क्यूक्यू न्यूज़फ़ीड (QQ Newsfeed)
  27. बिगो लाइव (Vigo Live)
  28. सेल्फीसिटी (Self City)
  29. मेल मस्त (Mail Master)
  30. पैरेलल स्पेस (Parallel Space)
  31. ऍम आई वीडियो कॉल (MI Video Call)
  32. वेसीकन (WeSycn)
  33. ई एस फ़ाइल एक्सप्लोरर (ES Explorer)
  34. विवा वीडियो (Viva Video)
  35. मीतू (Meitu)
  36. विगो वीडियो (Vigo Video)
  37. न्यू वीडियो स्टेटस (New Video Status)
  38. डीयू रिकॉर्डर (DU Recorder)
  39. वॉल्ट-हाईड (Vault-Hide)
  40. कैश क्लीनर डीयू ऐप स्टूडियो (Cache Cleaner-DU App Studios)
  41. डीयू क्लीनर (DU Cleaner)
  42. डीयू ब्राउज़र (DU Browser)
  43. हैगो प्ले वीथ न्यू फ्रेंड्स (HaGo Play With New Friends)
  44. कैम स्कैनर (Cam Scanner)
  45. क्लीन मास्टर – चीता मोबाइल (Clean Master-Cheetah Mobile)
  46. वंडर कैमरा (Wonder Camera)
  47. फोटो सरप्राइज (Photo Suprise)
  48. क्यूक्यू प्लेयर (QQ Player)
  49. वे मीट (We Meet)
  50. स्वीट सेल्फी (Sweer Selfie)
  51. बैदु ट्रांसलेट (Baidu Translate)
  52. वी मेट (V Mate)
  53. क्यूक्यू इंटरनेशनल (QQ International)
  54. क्यू क्यू सिक्योरिटी सेंटर (QQ Security Center)
  55. क्यू क्यू लांचर (QQ Launcher)
  56. यू वीडियो (U Video)
  57. वी फ्लाई स्टेटस वीडियो (V Fly Status Video)
  58. मोबाइल लीजेंड (Mobile Legends)
  59. डी यु प्राइवेसी (DU Privacy)