Ashwatthama

अश्वत्थामा, जिनको द्रोणी भी कहा जाता है, क्यूंकि वे गुरु द्रोण के पुत्र थे। वह ऋषि भारद्वाज के पोते थे। एक शक्तिशाली महारथी, उन्होंने कुरुक्षेत्र

महाशिवरात्री पर्व विशेष

आप सभी को अवगत कराना चाहूंगी कि 11 मार्च यानी गुरुवार के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। जैसा कि हम सभी जानते हैं भारतवर्ष

द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा | भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग भागों में स्थित हैं। इन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। शिवपुराण में इन ज्योतिर्लिंगों

Krishna & Arjuna

धर्म तथा सत्य दोनो एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। धर्म का ही दूसरा नाम सत्य है तथा सत्य का ही दूसरा नाम धर्म है। सत्य से

पीपल का पेड़

परिवार की परिभाषा के अनुसार अपने जनक को मुखाग्नि देने का अधिकार पुत्र का है। पुत्र ही तर्पण करता है। शास्त्रों ने इस मोक्षगामी तर्पण

मकर संक्रांति पर स्नान एवं दान का विशेष महत्व

वैसे तो भारत वर्ष में कई त्योहार मनाए जाते हैं लेकिन मकर संक्रांति का कुछ विशेष महत्व है। दरअसल, यही एकमात्र त्योहार है जो देश

भक्तों की हर मन्नत पूरी होती है मायादेवी मन्दिर में

भगवान शिव की अर्धांगिनी और प्रजापति राजा दक्ष की सुपुत्री सती के आत्मदाह के साथ ही तीर्थ नगरी हरिद्वार को सप्तपुरियों में से एक मायापुरी

ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार-दक्षिणावर्ती शंख ::

दक्षिणावर्ती शंख :: द्विधासदक्षिणावर्तिर्वामावत्तिर्स्तुभेदत: दक्षिणावर्तशंकरवस्तु पुण्ययोगादवाप्यते यद्गृहे तिष्ठति सोवै लक्ष्म्याभाजनं भवेत्। दक्षिणावर्ती शंख पुण्य के ही योग से प्राप्त होता है। यह शंख जिस घर

छठ महापर्व: बिहार में क्यों?

वैदिककालीन मध्य भारतवर्ष के कीकट प्रदेश में गयासुर नामक एक दानव रहता था| वह भगवान विष्णु का उपासक था| गयासुर की काया भीमकाय थी| कहते

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