यह विश्वास किया जाता है कि भारत की आर्य सभ्यता के अत्यंत प्रसाद का पहला बड़ा धक्का महाभारत के संग्राम से लगा। प्रासाद उस भयंकर

जिस पड़ाव पर हम पहुँच गये हैं, कहाँ शाहजहाँ का अकेला रास्ता समाप्त होता है और उसके लड़कों के चार रास्ते आरम्भ हो जाते है।

सदियों तक भारत में इस्लामी राज्य का तूफान दक्षिण की चट्टान से टकराकर उत्तरी भारत की ओर वापस आता रहा। कई विजेताओं का नेजा पेशावर

लक्ष्मी को चंचल कहा गया है और स्त्री-स्वभाव को भी चंचल कहा गया है। यदि दैववशात् कहीं पर लक्ष्मी स्त्री-स्वभाव पर अवलम्बित हो जाय, तो

इस विवाह के पीछे हम जहाँगीर को ‘कैदी बादशाह’ कह सकते हैं। वह नूरजहाँ के रूप का कैदी था। इसमें आश्चर्य भी क्या है कि

अकबर का हँसता हुआ सौभाग्य-चन्द्रमा अन्तिम समय में मेघाच्छन हो गया था। वह मुगल-वंश का स्थायी रोग था एक हुमायूँ को छोड़कर बाबर से लेकर

Akbar

वह मुगल-साम्राज्य का यौवन-काल था। बाबर के समय उसका जन्म हुआ, हुमायूँ ने अपनी निर्बलताओं से नवजात बच्चे को बीमार और कमजोर हालत में फेंक

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