कुम्भ की पौराणिकता, इतिहास क्या है? और कुम्भ तथा सिंहस्थ में क्या अंतर है?

कुंभ मेले में शाही स्नान पर्व से पहले विभिन्न अखाड़ों के रमता पंचों का कुंभ नगरी में वैदिक विधि विधान के साथ शोभा यात्रा के

द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा | भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग भागों में स्थित हैं। इन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। शिवपुराण में इन ज्योतिर्लिंगों

Krishna & Arjuna

धर्म तथा सत्य दोनो एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। धर्म का ही दूसरा नाम सत्य है तथा सत्य का ही दूसरा नाम धर्म है। सत्य से

पीपल का पेड़

परिवार की परिभाषा के अनुसार अपने जनक को मुखाग्नि देने का अधिकार पुत्र का है। पुत्र ही तर्पण करता है। शास्त्रों ने इस मोक्षगामी तर्पण

Banana

केला को इतिहास से पूर्व का फल माना जाता है। सिकन्दर महान ने इसकी खेती को 327 ईसा पूर्व सिन्ध दरिया में वादी में देखा

संस्कृति

भारतीय दर्शन के अनुसार संस्कृति के पांच अवयव हैं, वे हैं धर्म, दर्शन, इतिहास, वर्ण तथा रीति-रिवाज। ‘संस्कृति’ शब्द का यह अर्थ लगाते हुए यदि

कुम्भ और अर्ध कुम्भ

कुंभ काल आरम्भ हो चुका है लेकिन फिलहाल कुंभ पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। अभी तक कुंभ कैसा होगा इसका स्वरूप भी सरकार

भावनात्मक एकता के प्रतीक हैं कुम्भ मेले

कुम्भ आस्था का महान पर्व है। इसकी तुलना विश्व के किसी भी पर्व से नहीं की जा सकती। इसका ऐतिहासिक, दार्शनिक, सामाजिक कोई भी पक्ष

कोविड-9 महामारी के दौर में होगा हरिद्वार c-2021 का बड़ा धार्मिक समागम

हरिद्वार कुम्भ का इतिहास एवं वर्तमान स्वरूप धर्म नगरी हरिद्वार पर धीरे-धीरे अब कुंभ मेले का रंग चढ़ता जा रहा है। इन दिनों हरिद्वार आने

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